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शिक्षक-अभिभावक कार्यक्रम

परिष्कार का प्रत्येक विद्यार्थी किसी-न-किसी एक शिक्षक के जिम्मे है और वह उसका अभिभावक-शिक्षक (Teacher Guardian) होता है। यह अभिभावक शिक्षक विद्यार्थी के रहने, खाने, पढ़ने, मित्र-मंडली और अन्य कई समस्याओं पर समय-समय पर चर्चा करते हैं। इस तरह अभिभावक शिक्षक छात्र/छात्रा की रुचियों, पढ़ाई में आनेवाली समस्याओं, अवसादों के लिए एक नियमित सलाहकार के रूप में काम करता है जोकि छात्र को आवश्यकतानुसार उत्साहित करता रहता है। ‘शिक्षक अभिभावक’ को सभी अभिभावकों के और उनके पुत्र/पुत्री के मोबाइल नम्बर  को प्रदान किए जाते हैं, जिससे अभिभावक नियमित रूप से अपने पुत्र/पुत्री से संबंधित समस्त प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सके।

शिक्षक-अभिभावक भी समय-समय पर छात्रों के अभिभावकों से बात करते हैं और विद्यार्थी की उपलब्धियों जैसे उसके टैस्ट के नम्बर, उसकी कक्षा में प्रगति और व्यवहार, उसकी कक्षा में नियमितता और अन्य जानकारियों से उन्हें अवगत करवाते हैं। वे खासतौर पर विद्यार्थी के अभिभावक को विद्यार्थी की सफलताओं के बारे में भी बताते हैं और शिक्षक एवं माता-पिता से मिलकर विद्यार्थी के बेहतर परिणाम में सहायता करते हैं।

शैक्षिक सत्र के प्रारम्भ में ही प्रत्येक अध्यापक को 40 विद्यार्थियों का शिक्षक-अभिभावक नियुक्त किया जाता है। यह शिक्षक छात्र के अकादमिक प्रदर्शन के साथ उनकी व्यक्तिगत गतिविधियों एवं समस्याओं का भी ध्यान रखता है। इस शिक्षक-अभिभावक कार्यक्रम में निम्नलिखित गतिविधियाँ सम्मिलित हैं –

  • छात्र की जिज्ञासा का समाधान करना, सलाह देना, साधन उपलब्ध करवाना व उचित मार्गदर्शन करना।
  • विभिन्न छात्रों की भिन्न-भिन्न पृष्ठभूमि व अनुभवों को समझकर उसके अनुसार सलाह देना।
  • सीखने की प्रक्रिया में सभी की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • छात्र-छात्रा की पूरी हो सकनेवाली उम्मीदों को स्थापित करने व लक्ष्य को समझने में मदद करना।
  • अभिभावकों से नियमित संपर्क करना।