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B.A.

PCGE में BA (तीन वर्षीय) कोर्स केवल डिग्री को दिलाने तक सीमित नहीं है अपितु आगामी Competitions की परीक्षाओं की चुनौतियों को ध्यान में रखकर पढ़ाया जाता है। PCGE में BA के पाठ्यक्रम को बहुआयामी डिजाइन किया गया है—

  • प्रथमत:, PCGE में BA के पाठ्यक्रम को बहुत गंभीरता से लिया जाता है ताकि न केवल विद्यार्थी विश्वविद्यालयी परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर सके अपितु अपनी स्नातकोत्तर अध्ययन, शोध-अनुसंधान आदि से जुड़ने में सक्षम बन सके।
  • द्वितीय, BA के सभी वैकल्पिक विषयों की विविध अवधारणाओं आदि को IAS, RAS, SSC, Bank, Railway, NDA आदि प्रतियोगी परीक्षाओं से जोड़कर पढ़ाया जाता है।
  • तृतीय, BA के पाठ्यक्रम की कक्षाओं के अतिरिक्त प्रतिदिन 2 घंटे Competitions का अध्ययन करवाया जाता है, नियमित रूप से Test आदि कर उन्हें Competitions की चुनौतियों से अवगत करवाया जाता है।
  • PCGE में BA के पाठ्यक्रम के साथ ही भविष्य में नौकरी हेतु साक्षात्कार की तैयारी के लिए GD, Open House Discussion, वाद-विवाद, लेखन, भाषण आदि गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है।

पात्रता (Eligibility)

10+2 परीक्षा [राजस्थान बोर्ड/अन्य राज्य बोर्ड/सीबीएसई (CBSE)/आईसीएसई (ICSE)] में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्रवेश के लिए आवश्यक हैं। यदि राजस्थान से बाहर का विद्यार्थी प्रवेश लेता है तो 55 प्रतिशत पर प्रवेश ले सकता है। शर्त यह है कि उसका जन्म राजस्थान में हुआ हो (प्रमाण सहित) व उसके माता-पिता यहाँ 5 वर्ष से रह रहे हों।

प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)

प्रवेश 10+2 परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर, ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाता है क्योंकि हर कोर्स की भाँति BA में भी विश्वविद्यालय ने सीटें निर्धारित कर रखी हैं। प्रवेशार्थियों की अधिक संख्या होने पर योग्यता-क्रम के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।

वैकल्पिक विषय (Optional Subjects)

  • भूगोल (Geography)
  • अर्थशास्त्र (Economics)
  • राजनीति विज्ञान (Political Science)
  • इतिहास (History)
  • लोक प्रशासन (Public Administration)
  • अंग्रेजी साहित्य (English Literature)
  • हिंदी साहित्य (Hindi Literature)
  • संस्कृत साहित्य (Sanskrit Literature)
  • गणित (Mathematics)
  • नाटक (Dramatics)
  • संगीत (Music)
  • शारीरिक शिक्षा (Physical Education)

BA के लिए विद्यार्थी इनमें से कोई भी तीन विषय चुन सकता है। BA से अधिकतर विषय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से अत्यंत उपयोगी हैं।

अनिवार्य विषय (Compulsary Subjects)

  • सामान्य हिंदी (General Hindi)
  • सामान्य अंग्रेजी (General English)
  • प्रारंभिक कंप्यूटर (Elementary Computer)
  • पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies)

पढ़ाने के तरीके : (Teaching Methods)

PCGE ने BA के पाठ्यक्रम में पढ़ने-पढ़ाने का एक विशिष्ट तरीका इजाद किया है। कक्षा में केवल व्याख्यान देकर विद्यार्थियों को निष्क्रिय श्रोता बनाने के स्थान पर परिष्कार के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण प्रणाली को अपनाकर विद्यार्थियों को सतत रूप से सक्रिय बनाने का प्रयास किया जाता है। विद्यार्थियों को अनेक तरह से सक्रिय बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ करवाई जाती हैं—

  • वाक्य में बीज शब्द (Key words) को ढूँढ़ना।
  • अनुच्छेद (Paragraph) में मूल विचार को ढूँढ़ना।
  • विद्यार्थियों को Study sheet द्वारा स्वयं को पाठ में से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने के लिए प्रेरित करना।
  • पाठ की अवधारणाओं (Concepts) का मूल्यांकन करवाना।
  • विद्यार्थियों को कक्षा में प्रस्तुतीकरण (Presentations) देने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • IAS, RAS जैसी-परीक्षाओं की मुख्य परीक्षाओं तथा साक्षात्कार के लिए विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने के लिए, संवादात्मक कक्षाओं, समूह-चर्चाओं, ओपन हाउस डिस्कशन, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं और विश्लेषणात्मक और रचनात्मक उत्तर लेखन पर विशेष बल दिया जाता है।
  • Study Sheets से जाँचना, सरप्राइज टैस्ट, मिड-टर्म टैस्ट तथा प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा के द्वारा विद्यार्थियों की खूबियाँ एवं कमियाँ जानकर शिक्षण-प्रक्रिया के द्वारा उन्हें दूर किया जाता है।
  • इस प्रकार हम विश्वास करते हैं कि जब शिक्षण, अध्ययन और मूल्यांकन की प्रक्रियाएँ साथ-साथ चलती हैं तभी शिक्षा प्रभावी, रचनात्मक और उल्लसित करनेवाली होती है। अत: प्रत्येक दिन अनौपचारिक तरीके से विद्यार्थियों का आकलन किया जाता है और हर दो सप्ताह में OMR परीक्षा से जाँच की जाती है।

उत्कृष्ट विश्वविद्यालय परिणाम (Excellent University Results)

PCGE के विद्यार्थियों ने अपने उल्लेखनीय परिणामों से हमें गौरवान्वित किया है। हमारे विद्यार्थियों ने राजस्थान विश्वविद्यालय के BA पाठ्यक्रम में 2 बार टॉप कर कुल 24 मैरिट प्राप्त की हैं। हमारे विद्यार्थियों ने राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सैद्धांतिक परीक्षाओं में बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, जैसे— अर्थशास्त्र में 99%, राजनीति विज्ञान में 98%, इतिहास में 84%, भूगोल में 82%, अंग्रेजी साहित्य में 77% इत्यादि। ऐसे अंक और लगातार इतनी मैरिट राजस्थान के सरकारी, गैर-सरकारी 2000 कॉलेजों में किसी भी विश्वविद्यालय के किसी भी कॉलेज को प्राप्त नहीं हुई है।

Rank holders in University of Rajasthan Exams

Name

Session

(%)

Class

Rank

Himanshu

2018

77.78

BA-III

IV

Vipindra

2018

78

BA-II

V

Rohit

2018

77.83

BA-I

VIII

Sanjay

2018

77

BA-I

X

Gamnaram

2017

79.83

BA-I

I

Mahendra

2017

80.83

BA-II

II

Rajesh

2017

86.44

BSc-I

VI

Himanshu

2017

78,50

BA-II

VIII

Chiman

2017

77.89

BA-III

VIII

Vag Singh

2017

76.50

BA-I

VIII

Pradeep Sonaki

2016

79.67

BA-III

I

Rajkumar

2016

81.33

BA-II

III

Chiman Bhawani Singh

2016

80.83

BA-II

V

Sanjay Kumar

2016

79.83

BA-II

VIII

Himanshu Vaishnav

2016

78.67

BA-I

V

Ramchandra

2016

75.50

BA-I

IX

Bhavesh Dhanwant

2015

76.94

BA-III

IV

Pradeep Solanki

2015

81.17

BA-II

II

Ann Bhadu

2015

81.83

BA-II

III

Dalveer Singh

2013

78.44

BA-III

I

Pura Ram

2013

76.39

BA-III

VII

Rajendra Choyal

2012

77.50

BA-II

V

Pura Ram

2012

76.83

BA-II

VI

Dalveer Singh

2011

79.33

BA-I

V

Rajendra Choyal

2011

78.5

BA-I

VI

 

BA करने के बाद मुख्य शैक्षणिक संभावनाएँ

BA करने के बाद निम्नलिखित प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के लिए निम्नलिखित अवसर उपलब्ध हैं—

MA (मास्टर ऑफ आर्ट्स)

कला में स्नातक विद्यार्थियों के लिए MA सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प हैं, जो आगे स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर व्याख्याता बनने, विभिन्न शोध संस्थानों में शोध-कार्य करने के रास्ते खोलते हैं।

यदि विद्यार्थी BA में चयनित विषयों में से किसी एक विषय में MA करना चाहता है तो न्यूनतम 48% अनिवार्य है। यदि 48% न हो तो उसी विषय के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में 55% होना अनिवार्य है।

यदि विद्यार्थी BA में चयनित विषयों से अतिरिक्त विषय (जो विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में हो) से MA करना चाहता है तो उसके न्यूनतम 55% होनी चाहिए।

BEd/शिक्षा में स्नातक

जो विद्यार्थी BA के बाद स्कूल शिक्षक के रूप में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए BEd की डिग्री सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प है। यह BEd कोर्स दो वर्ष का है। सरकारी और निजी क्षेत्र के विद्यालयों में कला संकाय के अध्यापकों की काफी माँग है।

 BA करने के पश्चात् विद्यार्थी के सामने Jobs कॅरिअर की अनंत संभावनाएँ खुली रहती हैं जैसे—

  • IAS, RAS (प्रशासनिक सेवाएँ)
  • College Lecturer (कॉलेज व्याख्याता)*
  • School Lecturer (स्कूल व्याख्याता)*
  • Teacher Grade-II (द्वितीय श्रेणी शिक्षक)
  • Teacher Grade-III (तृतीय श्रेणी शिक्षक)
  • Bank PO, Bank Clerk (बैंक सेवाएँ)
  • Indian Railway
  • SSC (Income Tax Inspector, Custom Officer, Revenue Officer, CBI etc.)
  • Food Corporation of India
  • LDC
  • Police Sub-Inspector
  • Army, BSF (रक्षा सेवाएँ)

*   1.  इसके लिए किसी विषय विशेष में MA एवं NET आवश्यक है।

  1. इसके लिए किसी विषय विशेष में MA एवं BEd आवश्यक है।

नियुक्तियाँ (Placements)

BA के विद्यार्थी न केवल सिर्फ शैक्षणिक स्तर पर उत्तम अंकों से उत्तीर्ण हुए हैं बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल रहे हैं।

  • महाविद्यालय में नियमित रूप से प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कैम्प लगाए जाते हैं जिससे विद्यार्थी अपने लिए उपयुक्त नौकरियों की खोज सकें।
  • परिष्कार के अनेक विद्यार्थी छात्र RAS, RPS, RCS पुलिस सब-इंस्पेक्टर, कॉलेज व्याख्याता, स्कूल व्याख्याता, द्वितीय श्रेणी शिक्षक, तृतीय श्रेणी शिक्षक, जूनियर अकाउंटेंट, पटवारी, लिपिक के पद पर कार्यरत हैं।
  • परिष्कार के कई विद्यार्थी कॉर्पोरेट सेक्टर में Bank PO, Bank Clerk, Executive Office, BPO इत्यादि पदों पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
  • PCGE के विद्यार्थियों में संभावनाएँ बहुत हैं और निश्चित रूप से उनका भविष्य उज्ज्वल रहना ही है।

शोध (Research)

  • PCGE BA कोर्स के विद्यार्थियों को शोध के अवसर भी प्रदान करता है जिसमें स्नातक (Graduation) स्तर पर अनुसंधान की छोटी-छोटी परियोजनाओं, विशेष तौर पर सामाजिक, आर्थिक समस्याओं पर केस स्टडी पर शोधकार्य करवाया जाता है। इससे छात्रों में अनुसंधान का दृष्टिकोण विकसित होता है और वे जीवन के अनछुए नए-नए क्षेत्रों में उद्यम करने में सक्षम बनते हैं। इससे छात्रों के समस्या-समाधान कौशल में विकास होता है।