Loading

सतत मूल्यांकन

PCGE का मानना हैं कि निरंतर आगे बढ़ने के लिए कार्य का मूल्यांकन भी निरंतर आवश्यक है। क्योंकि छात्रों के निरंतर मूल्यांकन करते रहने की प्रक्रिया छात्रों की पाठ्यचर्या, सह-पाठ्यचर्या व अन्य गतिविधियों को डिजाइन करने का महत्त्वपूर्ण आधार है। इसीलिए PCGE में सतत मूल्यांकन प्रणाली विकसित की गई है जिसमें सीखना व सीखे गए ज्ञान का मूल्यांकन साथ-साथ किया जाता है। इस मूल्यांकन पद्धति ने संपूर्ण कॉलेज की शिक्षाप्रणाली में क्रांतिकारी विकास किया है।

  • PCGE के विद्यार्थियों का हर कक्षा में नियमित मूल्यांकन किया जाता है। इसके लिए प्रतिदिन हर कक्षा की शुरुआत मौखिक दोहरान कार्य के मूल्यांकन से की जाती है।
  • विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष में वार्तालाप के दौरान समूहचर्चा, वाद-विवाद, पत्र प्रस्तुतीकरण और शोध कार्य आदि के माध्यम से अनौपचारिक रूप से मूल्यांकित किया जाता है, जोकि भविष्य में नौकरी हेतु होनेवाले इन्टरव्यू के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है।
  • हर 15 दिन में OMR टैस्ट का आयोजन किया जाता है और उसका परिणाम भी तत्काल घोषित किया जाता है। इन परिणामों को देखकर आगामी कक्षाओं में उन्हें सुधारा जाता है।
  • Mid term test एवं Pre-University Exam. को भी विस्तृत रूप से आयोजित किया जाता है जिसमें यूनिवर्सिटी परीक्षा की स्वत: ही रिहर्सल हो जाती है और हमारे विद्यार्थी इन परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं।
  • विद्यार्थियों की गलतियों और कमियों को (प्रश्न के उत्तर लिखने के संदर्भ में) बहुत विस्तार से विश्लेषित किया जाता है, जिससे कि उन गलतियों को यूनिवर्सिटी परीक्षा में न दोहराएँ।
  • PCGE अपनी शिक्षाप्रणाली का लगातार पुनरावलोकन करता है। यह अवलोकन कक्षा-कक्ष के अवलोकन, द्वि-साप्ताहिक टैस्ट, क्लास टैस्ट, टर्म टैस्ट, प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा, वस्तुनिष्ठ तथा लिखित परीक्षा के माध्यम से करता है।

इस प्रकार निरंतर मूल्यांकन PCGE की ताकत है जोकि विद्यार्थियों को अपनी कमियाँ जानकर तथा उन्हें दूर करके आगे बढ़ने में मदद करती है साथ ही शिक्षकों को भी अपनी शिक्षण-पद्धति को बेहतर बनाने में सहायक होती है।