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विद्यार्थी केंद्रित शिक्षण

 

  • भारतीय शिक्षा-परिदृश्य में, विशेष रूप से राजस्थान में, वास्तविक छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अभी भी दुर्लभ है, PCGE ने इसकी महत्ता को समझकर इसे अपनाया है।
  • विद्यार्थी के विश्लेषणात्मक दिमाग को तैयार करने के लिए छात्र-केंद्रित शैक्षिक दृष्टिकोण न केवल वांछनीय है वरन् अपरिहार्य है। शिक्षक-केंद्रित शिक्षण का पुराना एवं इकतरफा तरीका-व्याख्यान देना, कक्षा में ऊब का वातावरण बना देता है। PCGE ने विद्यार्थी केंद्रित-शिक्षण विधि को अपनाकर शिक्षक-केंद्रित दृष्टिकोण को विद्यार्थी-केंद्रित के रूप में बदलने का कठिन एवं साहसिक प्रयास किया है।
  • हम विश्वास करते हैं कि विद्यार्थी-केंद्रित सीखने-सिखाने की प्रक्रिया ही एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा वे यूनिवर्सिटी परीक्षा में उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड बनते हैं, अच्छी जॉब के लिए उनमें क्षमता विकसित होती है और शानदार व्यक्तित्व भी प्राप्त किया जा सकता है।
  • यह विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने, उसको प्रोत्साहित करने, स्वयं करने के लिए वचनबद्ध होने, आत्मविश्वास विकसित करने, सफलता के लिए योग्यता बढ़ाने, सीखने के प्रति एक नज़रिया विकसित करने आदि के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का वातावरण प्रदान करता है।
  • कक्षाकक्ष में सीखने की प्रक्रिया उस बिंदु से शुरू होती है जहाँ तक छात्र पहले से ही जानता है। नई सूचनाओं, ज्ञान और बिंदुओं को जोड़ने का कार्य विद्यार्थी के साथ मिलकर किया जाता है।

इस तरह यहाँ शिक्षक छात्रों को रटाने के बजाय सीखने में सक्रिय बनाने में लगे रहते हैं, परिणामस्वरूप विद्यार्थियों में खुद-ब-खुद सीखने की प्रवृत्ति विकसित होती है।