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जागृति- व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम

जागृति : छात्र जागरूकता कार्यक्रम

‘जागृति’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थी को स्वयं का लक्ष्य, गुण, कमज़ोरियाँ एवं नए अवसरों के प्रति जागरूक करना है। उन्हें अपनी शक्तियों को विकसित करने, कमज़ोरियों से लड़ने, नए अवसरों का उपयोग करने के प्रति जागरूक किया जाता है। अंतत: वह चुनौतियों को उपलब्धियों में बदलना सीख जाता है।

PCGE में जागृति के निम्नलिखित उद्देश्य निर्धारित किए गए हैं –

  • विद्यार्थी को स्वयं के जीवन के प्रति जागरूक बनाना।
  • स्वयं का SWOC (Strength, Weakness, Opportunities, Challenges) विश्लेषण करना।
  • विद्यार्थी में सुनियोजित दृष्टि विकसित करना एवं कार्य योजना तैयार करने में सक्षम बनाना ताकि वे अपनी चुनौतियों को उपलब्धियों में परिवर्तित कर सकें।
  • विद्यार्थी स्वयं की कमजोरियों, जैसे – भय, झिझक, आत्मविश्वास की कमी, उद्देश्य के प्रति अज्ञानता आदि को पहचान सके तथा समाज के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका को समझ सके।
  • विद्यार्थी को आत्मछवि तथा अंतर्निहित योग्यताओं के प्रति जागरूक बनाना ताकि वह अपना आत्मविश्वास विकसित कर अपनी क्षमताओं का शानदार उपयोग कर सके।
  • उपर्युक्त उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जो छात्र-केंद्रित, अन्त:क्रियात्मक (interective), सहभागितायुक्त (participatory), मूल्यांकन आधारित, विश्लेषणात्मक तथा रचनात्मकता से परिपूर्ण होते हैं।